अंगार

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कभी तो हालात बदलेंगे

Posted On: 7 Apr, 2012 में

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मैं जीता हूँ इस आशा में शायद,

कल और कुछ नए फूल खिलेंगे,

कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें,

कभी तो शायद ये हालात बदलेंगे

 

शायद कल हो जाए बारिश और

धुल जाए इस बुरे वक्त की गर्द,

हम पर भी तो जम गई है धूल,

कल हम भी बारिश में निकलेंगे

 

बारिशों से धुल कर निखरें शायद

बुरे वक्त और मौसम के हालात,

अच्छे मौसम में तुम साथ रहे तो

पक्का है मुझसे कुछ लोग जलेंगे

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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rekhafbd के द्वारा
April 8, 2012

राजेन्द्र जी ,कभी तो हालात बदलें गे ,जरुर बदलें गे ,हर घड़ी बदल रही है जिंदगी ,सुंदर भाव ,आशावादी बने रहे

Rajkamal Sharma के द्वारा
April 7, 2012

जला जो जिस्म तो दिल भी जल गया होगा कुरेदते हो जो राख –जुस्तजू क्या है ? बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाये :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :|

ajaydubeydeoria के द्वारा
April 7, 2012

राजेंद्र जी नमस्कार, मैं जीता हूँ इस आशा में शायद, कल और कुछ नए फूल खिलेंगे, सुन्दर अभिव्यक्ति.

jlsingh के द्वारा
April 7, 2012

मनुष्य को आशावादी ही होना चाहिए! कुछ अच्छा होगा यही मान कर तो हम सब जिए जा रहे हैं! राजेन्द्र जी, नमस्कार और बधाई!

ashishgonda के द्वारा
April 7, 2012

मान्यवर राजेंद्र जी! क्या खूब लिखते हैं आप,,,,,, कृपया मुझे भी पढ़ें———- http://ashishgonda.jagranjunction.com/

चन्दन राय के द्वारा
April 7, 2012

मित्रवर कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें, कभी तो शायद ये हालात बदलेंगे चेतना जगाती सुंदर प्रेरक कविता आपका मित्र


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