अंगार

My thoughts may be like 'अंगार'

84 Posts

1247 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 3502 postid : 1158

खुला ख़त आपके नाम

Posted On: 8 Jun, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

(कृपया जागरण जंक्शन विशेष ध्यान दे)


जागरण जंक्शन से जुड़े सभी साथियों को सादर अभिवादन| विशेष रूप से आदरणीय शाही जी के जागरण जंक्शन पर लौटने के लिए और भाई राजकमल जी को लेखों के दोहरे शतक तक पहुँचने के लिए इन दोनों महापुरुषों को और आप सभी को हार्दिक बधाई| उम्मीद है कि आप दोनों यहाँ पर लंबी-२ पारियां खेलेंगे|

व्यस्तता के चलते काफी समय से जागरण जंक्शन से दूर हूँ इसलिए इधर क्या हो रहा है इसकी कुछ भी खबर नहीं थी| कल ही अनुज वाहिद का फोन आया तो पता चला कि कोई शख्श हमारे नाम से लोगों के ब्लॉग्स पर कमेन्ट कर रहा है| आज जागरण जंक्शन की साईट पर जाकर देखा तो यह बात सही निकली| भाई राजकमल जी के लेख ‘दरोगा राजकमल शर्मा’ पर मेरे नाम से दो कमेन्ट हैं जबकि वास्तविकता में मैंने कोई कमेन्ट किया ही नहीं है| बल्कि वास्तविकता तो ये है कि मैं कमेन्ट करना काफी पहले ही बंद कर चुका हूँ| जहां तक मुझे याद पड़ता है मैंने किसी के लेख पर अपना आख़िरी कमेन्ट अरसे पहले किया था और वो कोई महिला ब्लॉगर थी जिन्होंने बाबा रामदेव पर अपने विचार प्रकट किये थे| ऐसा ही कुछ वाहिद के साथ भी हुआ है| अब कोई मेरे या वाहिद के नाम से कमेन्ट कर कौन सा आत्मिक सुख प्राप्त कर रहा है पता नहीं|

मैं कई बार अपनी व्यक्तिगत राय रख चुका हूँ कि लेखों पर सार्वजनिक प्रतिक्रया मेरे विचार से ठीक नहीं है और इससे आपसी वैमनस्य फैलने की संभावना हमेशा बनी रहती है| प्रतिक्रियाओं का तरीका या तो बिलकुल सुरक्षित होना चाहिए या कुछ इस तरीके से हो कि लेखक ही अपने लेख पर प्रतिक्रया देख सके और उनका व्यक्ति विशेष को जवाब दे सके| लेकिन जागरण जंक्शन पर प्रतिक्रया करने का तरीका इतना असुरक्षित है कि कोई भी किसी भी नाम से या ईमेल से प्रतिक्रया कर सकता है और यही हो भी रहा है|

खैर ये मेरी व्यक्तिगत राय है पर इस तरह से मेरा या वाहिद का नाम इस्तेमाल कर लोगों के लेख पर प्रतिक्रया करने की मैं निंदा करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि जागरण जंक्शन इस गंभीर विषय पर ध्यान देगा|

एक बार फिर से आप सभी को अभिवादन और अच्छे लेखन कार्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं|

आपका एक साथी….

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

5 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
June 9, 2012

राजेन्द्र जी ऐसे कुकृत्यों की मैं भी भर्त्सना करता हूँ और जागरण  परिवार से निवेदन  करूँगा कि इस  तरह के कुकृत्य करने बाले ब्लागरों या पाठकों  के नाम  खोजकर  सार्वजनिक  करें। चेतावनी के बात  दुबारा करने पर कानूनी कार्यवाही करें।

    nishamittal के द्वारा
    June 9, 2012

    दिनेश जी से सहमत हूँ मैं.

rajkamal के द्वारा
June 9, 2012

आपके लक्षण मुझको कुछ अच्छे प्रतीत नहीं हो रहे है देखना कहीं राहुल द्रविड़ द्वारा सचिन को 194 पर नाटआउट डिक्लेयर करने की तर्ज पर कुछ खतरनाक करने का तो कोई मंसूबा नहीं बनाया जा रहा – हा हा हा हा मैं भी आपके दुःख में शामिल हूँ और ऐसे प्रयासों की निंदा करता हूँ नींद में नहीं बल्कि जागते हुए

rita singh 'sarjana' के द्वारा
June 8, 2012

राजेंद्र जी ,नमस्कार ,पता नहीं मंच पर समय-समय क्या हो रहा हैं कुछ दिन पहले निशा जी के साथ भी ऐसा हुआ था l जो की अनुचित हैं l

Santosh Kumar के द्वारा
June 8, 2012

आदरणीय भाई जी ,..सादर नमस्ते मंच की भलाई के लिए आपकी चिंता को नमन करता हूँ ,..मेरे विचार से प्रतिक्रिया को और सुरक्षित बनाना मंच की आवश्यकता है ,..प्रतिक्रिया को निजी रखना उचित नहीं लगता लेकिन कोई भी स्वार्थी तत्व माहौल खराब न कर सके इसका प्रबंध करना चाहिए ,…काफी दिनों बाद आपको यहाँ पाकर बहुत अच्छा लगा …सादर आभार


topic of the week



latest from jagran